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स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत सवाईमानसिंह अस्पताल में बनेगा 15 मंजिला आईपीडी टावर और कार्डिअक सर्जरी सेंटर स्वायत्त शासन और चिकित्सा मंत्री ने किया सवाई मानसिंह अस्पताल का दौरा
September 14, 2020 • jainendra joshi • MEDICAL AND HEALTH

 

जयपुर, प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल में स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत लगभग 200 करोड़ की लागत का 15 मंजिला आईपीडी टावर और कार्डिअक सर्जरी सेंटर विकसित किया जाएगा, जहां मरीज को एक ही छत के नीचे परामर्श और जांच से लेकर ऑपरेशन सहित अन्य सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जा सकेंगी।
 
स्वायत्त शासन मंत्री श्री शांतिलाल धारीवाल और चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, स्मार्ट सिटी परियोजना के चेयरमेन श्री भवानी सिंह देथा, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य श्री सुधीर भंडारी, अस्पताल अधीक्षक श्री राजेश शर्मा व अन्य संबंधित चिकित्सकों और अधिकारियों ने सोमवार को सवाईमानसिंह अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ वास्तुविद श्री अनूप बरतरिया मौजूद रहे।

डॉ. शर्मा ने बताया कि 1947 में बने सवाईमानसिंह अस्पताल में अत्याधुनिक सुविधाओं की काफी कमी महसूस की जा रही थी। वर्तमान में जहां कॉटेज वार्ड बने हुए हैं, वहां स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 15 मंजिला आईपीडी टावर का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस टावर में 150 कॉटेज वार्ड बनाए जाएंगे, इसमें 100 क्यूबिकल और 50 वीआईपी कॉटेज होंगे।
 
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि इस बहुमंजिला टावर के एक मंजिल पर ही ऑपरेशन थियेटर, पोस्ट ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू वार्ड, एमआरआई, सीटी स्कैन के उपकरण, कैफेटेरिया और डॉक्टर्स के चैंबर भी होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि मरीजों को कम से कम परेशानी के साथ बेहतर उपचार किया जा सके। उन्होंने कहा कि स्वायत्त शासन मंत्री ने आश्वस्त किया है कि इसके लिए 200 करोड़ का बजट तय किया गया है, आगे भी बजट की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नर्सेज क्वाटर्स के पास 50 करोड़ की लागत से कार्डिअक सर्जरी वार्ड भी बनाया जाएगा, जहां बांगड़ के मरीजों को स्थानांतरित किया जा सकेगा। इसी के अलावा अस्पताल परिसर में ही फूड पार्क का भी निर्माण किया जाएगा और अव्यवस्थित दुकानों को भी एक छत के नीचे लाने की प्रयास किया जाएगा ताकि अस्तताल का कायाकल्प हो सके और मरीजों और परिजनों को बेहतर माहौल मिल सके।

उन्होंने बताया कि ट्रोमा सेंटर और सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक को जोड़ने के लिए भूमिगत रास्ता बनाया था लेकिन बारिश के चलते यह उपयोग में नहीं लिया जा पा रहा था। उन्होंने कहा कि वास्तुविद को कहकर सुगम पैसेज बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि रास्ता सहज हो सके। उन्होंने कहा कि अस्पताल रोड स्थित सरकारी आवासों को राज्य सरकार दे दे तो इनका भी सुपर स्पेशिलिटी ब्लॉक्स और पावर हाउस के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
 
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि अस्पताल में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा अस्पताल स्थित मोर्चरी (मुर्दाघर) को भी आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा। इसके अलावा अस्पताल के उत्तर-पूर्व में स्थित कचराघर को भी हटाकर वहां सर्वधर्म प्रार्थना सभा का निर्माण किया जाएगा।