ALL MEDICAL AND HEALTH JOBS AND CARRER ENTERTAINMENT business education UNIVERSAL SPORTS RELIGION
किसानों को उन्नत व मुनाफे की खेती की सौगात दी
September 18, 2020 • jainendra joshi • UNIVERSAL

 

 

जयपुर, राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने बयान जारी कर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अगर डोटासरा जी कल लोकसभा में पारित 'कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020 एवं कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 को पढ़ लेते तो वह लोकसभा द्वारा पारित किसान हितैषी विधेयक पर प्रदेश के किसानों को गुमराह करने का प्रयास नहीं करते।

राठौड़ ने लोकसभा में पारित ऐतिहासिक कृषि विधेयकों का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों को उन्नत व मुनाफे की खेती के साथ कृषि उत्पाद के व्यापार में लाइसेंस राज व इंस्पेक्टर राज को समाप्त करने, किसान को अपनी फसल कभी भी कहीं भी बेचने की दशकों पुरानी पूरी करने का ऐतिहासिक कार्य किया है तथा लघु सीमांत किसान को अपनी फसल पूर्व करार के माध्यम से किसी भी व्यापारी या कंपनी को बेचने का व्यापक अधिकार देकर प्रदेश के 80% लघु सीमांत किसानों को सौगात दी है।

राठौड़ ने कहा कि लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस ने स्वयं अपने घोषणा पत्र में कृषि उपज मंडी अधिनियम को संशोधित करने व देश के कृषकों को अपने उत्पाद बेचने के लिए एक समान बाजार उपलब्ध कराने की घोषणा की थी, के अनुरूप ही केंद्र सरकार देश के किसानों को अपनी उपज किसी भी व्यक्ति किसी भी व्यापारी को किसी भी स्थान पर विक्रय करने का अधिकार देकर किसान को कृषि उपज मंडी की जंजीरों से मुक्त किए जाने का ऐतिहासिक निर्णय किया है तो जिसका विरोध करना कांग्रेस पार्टी के लिए हास्यापद है।

राठौड़ ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पारित विधेयक प्रदेश में कृषि उपज मंडी अधिनियम को कहीं भी प्रभावित नहीं करता है। यह तो मात्र कृषि उपज मंडी की सीमा के बाहर बिना किसी कर (टैक्स) के किसान को किसी भी स्थान पर अपनी उपज बेचने की दशकों पुरानी मांग को पूरा करता है।

राठौड़ ने आरोप लगाया कि देश में 2.6 प्रतिशत कृषि मंडी टैक्स व कृषक कल्याण फीस के नाम पर किसान के उत्पाद पर सर्वाधिक कर (टैक्स) राजस्थान में है, राज्य सरकार अगर किसानों व व्यापारियों की हितैषी है तो इस कर (टैक्स) को समाप्त करें ताकि किसान कृषि उपज मंडी सहित जहां चाहे अपनी फसल को विक्रय कर सके तथा व्यापारी भी अपना व्यापार कृषि उपज मंडी सहित जहां चाहे बेरोकटोक कर सके।