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दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) के स्थापना दिवस को "कौशल से कल बदलेंगे" कार्यक्रम के रूप में मनाया गया
September 27, 2020 • jainendra joshi • JOBS AND CARRER

 भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने आज अंत्योदय दिवस के अवसर पर दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) का स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर केन्द्रीय ग्रामीण विकास, कृषि और किसान कल्याण, पंचायती राज और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर, केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के साथ उपस्थित थे।

श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने अंत्योदय दिवस के अवसर पर कार्यक्रम के क्रियान्वयन में एक बेंचमार्क स्थापित करने के लिए, डीडीयू-जीकेवाई के सभी भागीदारों को बधाई दी। उन्होंने ग्रामीण युवाओं को कुशल होने के लिए प्रेरित करते हुए कहा "कोई भी डिग्री नौकरी नहीं दे सकती है यदि युवा कुशल नहीं है। केवल कौशल ही बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकता है।" उन्होंने स्वरोजगार के महत्व पर भी प्रकाश डाला और युवाओं से आह्वान किया कि वो अपने स्वयं के भविष्य के निर्माता बनें। माननीय मंत्री ने ख़ुशी ज़ाहिर की कि इस योजना के माध्यम से अब तक 10.51 लाख युवाओं को प्रशिक्षित कर 6.65 लाख युवाओं को सफलतापूर्वक रोज़गार से जोड़ा गया है। उन्होंने भारत को एक समृद्ध देश बनाने में कौशल विकास के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

इस अवसर पर माननीय मंत्री ने एग्रीप्रेन्योरशिप प्रोग्राम का उद्घाटन किया तथा इस कार्यक्रम के दौरान निम्नलिखित का विमोचन किया:-

क) डीडीयू-जीकेवाई के तहत कैप्टिव रोजगार के दिशा-निर्देश

ख) एकीकृत कृषि क्लस्टर (आईएफसी) के प्रोत्साहन के लिए दिशा-निर्देश

ग) डीडीयू-जीकेवाई के उम्मीदवारों की सफलता की कहानियों का संग्रह

इस अवसर पर किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ)/स्टार्टअप्स की क्षमता निर्माण और ग्रामीण क्षेत्रों में इंक्युबेशन हेतु सहायता प्रदान करने के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय और आईसीएआर (केवीके) और आरसीआरसी (एनजीओ का राष्ट्रीय गठबंधन) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए।

केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने "कौशल से कल बदलेंगे" कार्यक्रम के आयोजन के लिए सभी भागीदारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सफल उम्मीदवारों की कहानी साझा करने से अन्य ग्रामीण युवा भी इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने 'कौशल के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत' के संदर्भ में ग्रामीण विकास के महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने सभी भागीदारों को सुझाव दिया कि वे अन्य इच्छुक ग्रामीण युवाओं को डीडीयू-जीकेवाई से जोड़े और समाज में एक परिवर्तन लाने का सफल प्रयास करें।

केंद्रीय मंत्रियों ने 4 अलग-अलग स्थानों यानी कोयंबटूर, बेंगलुरु, गुरुग्राम और हैदराबाद के कुछ रोजगार पाने वाले उम्मीदवारों और नियोक्ताओं (एम्प्लॉअर) के साथ ऑनलाइन चर्चा की। जो उम्मीदवार कुशल हो गए और अब सफलतापूर्वक विभिन्न नियोक्ताओं के साथ प्लेसड हैं, उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों को चर्चा के दौरान साझा किया।

श्री नागेंद्र नाथ सिन्हा, सचिव (ग्रामीण विकास) ने कार्यान्वयन के पिछले 6 वर्षों के दौरान डीडीयू-जीकेवाई की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने देश भर में ग्रामीण विकास के लिए डीडीयू-जीकेवाई और एकीकृत कृषि पहल के महत्व के बारे में भी बात की। उन्हें पूरी उम्मीद थी कि डीडीयू-जीकेवाई आने वाले समय में ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रदान करने और उन्हें आगे बढ़ाने में बड़ी सफलता हासिल करेगी।

इस कार्यक्रम में राज्य कौशल मिशन, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियां, नियोक्ताओं एवं ग्रामीण युवाओं ने भाग लिया।