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<पीएम स्वनिधि योजना कर्ज के जाल से रेहड़ी पटरी वालों को मुक्ति दिलाने के लिए एक गम्भीर प्रयास>
August 19, 2020 • jainendra joshi • UNIVERSAL

 

 

रेहड़ी पटरी वालों की आजीविका को व्यापक सुरक्षा देने में अहम है पुलिस और नगर निकायों की भूमिका : हरदीप सिंह पुरी

आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हरदीप सिंह पुरी ने आज यहां पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा के लिए

हुई राज्य सरकारों के आवासीय एवं शहरी विकास मंत्रियों, मुख्य सचिवों, राज्यों के प्रमुख सचिवों, डीजीपी, नगर आयुक्तों,

कलेक्टर्स, जिलाधिकारियों और अन्य हितधारकों की बैठक में उनसे अपने अधीनस्थों को स्ट्रीट वेंडर्स यानी रेहड़ी पटरी वालों

के प्रति संवेदनशील बनाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, “पहले से ही रोजाना जीवनयापन के लिए जूझ रहे गरीब रेहड़ी

पटरी वालों का ठेला पलट देना या उनसे रिश्वत मांगना या किसी अन्य प्रकार से उत्पीड़न उनके साथ नृशंस क्रूरता के समान

है। रेहड़ी पटरी वाले पहले से ही गले तक कर्ज से डूबे हुए हैं और ऊंची ब्याज दर पर कर्ज देने वालों के चंगुल में फंसे हुए हैं।

इस प्रकार, जब भी उनके खिलाफ उत्पीड़न की एक भी घटना होती है, वह भी सरकार की तरफ से जिससे वह अपने उद्धार

के लिए कोई कदम उठाए जाने की उम्मीद करता है, ऐसी घटना उनके लिए एक बड़े झटके के समान होती है।” इस वर्चुअल

बैठक में एमओएचयूए में सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्रा, गृह सचिव श्री अजय भल्ला और देश भर के कई वरिष्ठ अधिकारी

उपस्थित रहे।

पीएम स्वनिधि योजना के शुभारम्भ के साथ कर्ज के जाल से रेहड़ी पटरी वालों को मुक्ति दिलाने के लिए पहली बार एक गम्भीर

प्रयास किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि मंत्रालयसरकार की पात्रता के आधार पर दूसरी कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच

सुनिश्चित करने के लिए पीएम स्वनिधि के सभी लाभार्थियों का सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइल हासिल करने की योजना तैयार

करने की प्रक्रिया में भी है। बैठक के दौरान, श्री पुरी ने जोर देकर कहा कि सामान्य दौर में भी रेहड़ी पटरी वालों की स्थिति

कमजोर रहती है और कोविड महामारी के दौर में उनकी मुश्किलें खासी बढ़ गई हैं, साथ ही उनके सामने अस्तित्व का संकट

खड़ा हो गया है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि रेहड़ी पटरी वालों को एक अच्छा माहौल उपलब्ध कराने की जरूरत है, जहां उनमें

अनचाहे उत्पीड़न/ बेदखली से सुरक्षा की भावना पैदा हो। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य को हासिल करने की दिशा में गंभीर

प्रयास करना सभी संबंधित विभागों का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि रेहड़ी पटरी वालों की आजीविका को व्यापक सुरक्षा देने

और एक अनुकूल माहौल पैदा करने में पुलिस बल और नगर निकायों की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि रेहड़ी वाले

ज्यादा मांग नहीं करते, उन्हें सिर्फ एक जगह चाहिए होती है जहां वे उत्पीड़न मुक्त माहौल में अपना सामान बेच सकें। उन्होंने

कहा, “रेहड़ी पटरी वालों की शहरी जनसंख्या में 2 प्रतिशत हिस्सेदारी है और वे अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में अहम योगदान

करते हैं।”

मंत्री ने बताया कि अभी तक कर्ज के लिए 5,70,000 आवेदन मिल चुके हैं, जिनमें से 1,35,000 कर्जों को स्वीकृति मिल चुकी

है और 37,000 का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा, “योजना को सिर्फ रेहड़ी पटरी वालों को कर्ज देने के परिप्रेक्ष्य में

ही नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे उनके समग्र विकास और सामाजिक- आर्थिक उत्थान के एक भाग के रूप में भी देखा

जाना चाहिए।” आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय दीनदयाल अंत्योदन योजना– राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (डीएवाई-

एनयूएलएम) को कार्यान्वित कर रहा है, जिसमें शहरी रेहड़ी पटरी वालों को समर्थन (एसयूएसवी) भाग के माध्यम से शहरी

स्थानीय निकायों में प्रो-वेंडिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण का प्रावधान है। शहरी रेहड़ी पटरी वालों के आजीविका अधिकारों को

सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और विनियमन के लिए मई, 2014 में स्ट्रीट वेंडर्स अधिनियम, 2014 प्रभावी हो गया था।

कोविड-19 महामारी के क्रम में लॉकडाउन का उल्लेख करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इससे रेहड़ी पटरी वालों के जीवन

व आजीविका पर खासा नकारात्मक असर पड़ा है और उनकी कार्यशील पूंजी जरूरतों को पूरा करने के लिए ही सरकार ने 1

जून, 2020 को पीएम स्वनिधि योजना का शुभारम्भ किया था, जिसके अंतर्गत 10,000 रुपये तक का गिरवी मुक्त कार्यशील

पूंजी कर्ज लिया जा सकता है और यह कर्ज 1 साल की अवधि के लिए दिया जा रहा है। इस योजना में अधिसूचित व्यावसायिक

बैंकों- सरकारी एवं निजी, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, सहकारी बैंकों, एसएचजी (स्वयं सहायता समूहों) बैंकों आदि के अलावा गैर

बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) को कर्जदाता संस्थानों के रूप में जोड़कर इन

‘सूक्ष्म उद्यमियों’ के ‘दरवाजे तक बैंकों को लाने’ की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना का लक्ष्य रेहड़ी पटरी

वालों को औपचारिक शहरी अर्थव्यवस्था से जोड़कर डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म्स पर लाकर उनका क्रेडिट प्रोफाइल तैयार

करने में सहायता देना है।

बैठक के दौरान, केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि रेहड़ी पटरी वालों को कर्ज देने को प्रोत्साहित करने के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट

फॉर माइक्रो एंड स्माल एंटरप्राइजेज (सीजीटीएमएसई) के माध्यम से कर्जदाता संस्थानों को पोर्टफोलियो के आधार पर ग्रेडेड

गारंटी कवर उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि पीएम स्वनिधि पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से कर्ज के लिए

आवेदन किया जा सकता है।