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<ग्रामीण विकास के लिए उन्नत भारत अभियान>
July 31, 2020 • jainendra joshi • UNIVERSAL

 

 
 
 
सीएसआईआर, उन्नत भारत अभियान आईआईटी दिल्ली और विज्ञान भारती में त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

सीएसआईआर, उन्नत भारत अभियान आईआईटी दिल्ली (यूबीए-आईआईटीडी) और विज्ञान भारती के बीच नई दिल्ली में

त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया। समझौता ज्ञापन का उद्देश्य उन्नत भारत अभियान के लिए

सीएसआईआर ग्रामीण प्रौद्योगिकियों तक पहुंच प्रदान करना है और उम्मीद है कि इससे भारत के ग्रामीण विकास के लिए

उन्नत भारत अभियान (यूबीए) के क्षेत्र में सहयोग की नींव पड़ेगी।

यह उन्नत भारत अभियान और विजना भारती (वीआईबीएचए) जैसी पहल लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप सीएसआईआर

प्रौद्योगिकियों और संबंधित ज्ञान के आधार को अपनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्नत भारत अभियान (यूबीए) भारत सरकार के

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) का अग्रणी राष्ट्रीय कार्यक्रम है और इसका उद्देश्य समावेशी भारत के

निर्माण में मदद करने के लिए ज्ञान संस्थानों का लाभ उठाकर ग्रामीण विकास प्रक्रियाओं में परिवर्तनकारी परिवर्तन की कल्पना

करना।

उन्नत भारत अभियान के प्रभावी राष्ट्रव्यापी कार्यान्वयन को लेकर पर्याप्त संरचनात्मक नेटवर्क एक आवश्यक शर्त है। इसके

अलावा यह भी आवश्यक है कि संबंधित मंत्रालयों, जिला प्रशासन, स्थानीय पंचायत राज संस्थानों (पीआरआई), स्वैच्छिक

संगठनों, अन्य हितधारकों, और उन्नत भारत अभियान में भाग लेने वाले संस्थानों के बीच सहयोग बने। यह समझौता ज्ञापन

सीएसआईआर-यूबीए, आईआईटीडी-विभा को संयुक्त रूप से इन उद्देश्यों को हासिल करने के लिए सक्षम बनाएगा।

सीएसआईआर के महानिदेशक और डीएसआईआर के सचिव डॉ. शेखर मंडे; सीएसआईआर-एनआईएसटीएडीएस के

निदेशक प्रोफेसर रंजन अग्रवाल; उन्नत भारत अभियान के राष्ट्रीय समन्वयक प्रोफेसर विरेंद्र कुमार विजय और सेंटर फॉर

रूरल डेवलेपमेंट एंड टेक्नोलॉजी (सीआरडीटी), आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर डॉ. सुनील के. खरे, सीआरडीटी, आईआईटी

दिल्ली के डीन प्रोफेसर विवेक कुमार और सीआरडीटी आईआईटी दिल्ली की डॉ. प्रियंका कौशल, विभा नई दिल्ली के श्री

जयंत सहस्त्रबुद्धे, श्री प्रवीन रामदास इस मौके पर उपस्थित थे।

इस मौके पर बोलते हुए डॉ. शेखर मंडे ने इस बात पर जोर दिया की सीएसआईआर में विभिन्न हितधारकों के साथ विभिन्न

प्रौद्योगिकियों और उत्पादों को सहयोगों के साथ विकसित करने की समृद्ध परंपरा रही है। यह समझौता देश के हर हिस्से तक

सीएसआईआर प्रौद्योगिकियों को लोगों तक ले जाने में महत्वपूर्ण होगा, और यह समझौता ज्ञापन इस दिशा में उठाया गया

कदम है।

 प्रोफेसर रंजना अग्रवाल ने आशा व्यक्त की कि समझौता ज्ञापन, सीएसआईआर, आईआईटी दिल्ली और विज्ञान भारती (विभा)

के बीच प्रभावी समन्वय के मार्ग को आगे बढ़ाएगा। श्री वीरेंद्र कुमार विजय ने बताया कि कैसे 2014 में शुरू होने के बाद से

उन्नत भारत अभियान एक राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम बन गया है और बड़ी संख्या में ऐसे संस्थानों के बारे में बात की है जो थोड़े

समय में इससे जुड़े हैं। डॉ. खरे ने सीएसआईआर और आईआईटी दिल्ली के बीच सहयोग की बात की और कहा कि कैसे दो

संस्थाएं अपने सहयोग के माध्यम से देश के विकास में योगदान दे सकती हैं। श्री सहस्त्रबुद्धे ने उम्मीद व्यक्त की कि विज्ञान के

लाभों को समाज तक ले जाने में समझौता ज्ञापन से मदद मिलेगी।